5 जून कबीर प्रकट दिवस
👉 कबीर परमेश्वर चारों युगों में अपने सत्य ज्ञान का प्रचार करने आते हैं।👈 सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) वेदों के ज्ञान से भी पूर्व सतलोक में विद्यमान थे तथा अपना वास्तविक ज्ञान (तत्वज्ञान) देने के लिए चारों युगों में भी स्वयं प्रकट हुए हैं। परमेश्वर कबीर जी स्वयं सत्यपुरूष हैं। सत्यज्ञान सत्यभक्ति परमेश्वर स्वयं ही प्रकट होकर बताते हैं। सत्यपुरूष कबीर जी प्रत्येक युग में भिन्न नामों से प्रकट होते हैं। 👉सत्ययुग में ‘‘सत्य सुकृत‘‘ नाम से, 👉 त्रोतायुग में ‘‘मुनीन्द्र‘‘ नाम से, 👉द्वापर युग में‘‘करूणामय नाम से‘‘, 👉कलयुग में ‘‘कबीर नाम से‘‘ संसार में प्रकट होकर यथार्थ अध्यात्मिक ज्ञान तथा सत्य साधना मंत्रों का ज्ञान कराते हैं। कुछ भक्त परमेश्वर के ज्ञान को सुन-समझकर सत्य साधना करने लगते हैं, परंतु अज्ञानी संत तथा गुरू उनको भ्रमित कर सत्य साधना छुड़ाकर काल साधना पर पुनः दृढ़ कर देते हैं। 👇👇👇👇👇👇👇👇 आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप...